
दालचीनी के फायदे और नुकसान भारतीय संस्कृति में आयुर्वेद अपनी एक अलग पहचान रखता है। आयुर्वेद में बहुत सारी एसी औषधीयो के बारे में बताया गया है जो हमारे पास तो मौजूद है पर हमे उसके प्रयोग का ज्ञान नहीं है। आज हम एक ऐसे गुणकारी औसधि के बारे में जानेंगे जो हमारे किचेन में आसानी से मिल जाता है और उसका प्रयोग मसाले के रूप में भी किया जाता है वह है दालचीनी। इसलिए हमें दालचीनी के फायदे और नुकसान को जानना बेहद ही जरुरी है.
प्राचीन काल मे इसकी कीमत सोने के बराबर मानी जाती थी। भारत में दालचीनी के वृक्ष हिमालय तथा पश्चिमी तट पर पाये जाते हैं। विदेशो में खासकर यूरोप और अफ्रीका के पहाड़ी छेत्रो में भी यह पाए जाते है। इस वृक्ष की छाल, दालचीनी के नाम से प्रसिद्ध है। यह रस में तीखी, तथा मधुर होती है। उष्ण-तीक्ष्ण होने के कारण दीपन, पाचन और विशेष रूप से कफ का नाश करने वाली है।
यह अपने मधुर रस से पित्त का शमन और उष्णवीर्य होने से वात का शमन करती है, अतः त्रिदोषशामक है। दालचीनी की छाल में कई तेल पाए जाते हैं। हमारे ऋषि मुनियों के अनुसार दालचिनी एक ऐसी औषधी है जिसमे सारे दोषो को नष्ट करने की छमता है। दालचीनी सुगंधित, पाचक, उत्तेजक, और बैक्टीरियारोधी है। यह पेट रोग, इंफलू्यूएंजा, टाइफाइड, टीबी और कैंसर जैसे रोगों में उपयोगी पाई गई हैं।
इसका प्रयोग पुराने समय से चलता आ रहा है. ये हमारे स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभकारी है. दालचीनी के बहुत से अचूक फायदे है, जिनके प्रयोग से बहुत से रोगों से निजात मिलती है. ये उन रोगों में एक औषधि की तरह काम करती है. आइये जानते है दालचीनी के फायदे और नुकसान के बारे में.
दालचीनी के फायदे और नुकसान
1. यह न केवल स्वाद को बढाने के काम आता है बल्कि इससे कई सेहतबर्धक उत्पादों को बनाया जाता है। इसका प्रयोग न केवल भारत मे बल्कि विदेशों में भी मसालेदार कैंडी बनाने के लिए होता है। दालचीनी का पूरा पौधा ही औषधिय गुणों से भरा हुआ है। दालचीनी पत्ती के तेल के लिए मच्छर के लार्वा को मारने में बहुत प्रभावी होना पाया गया है।
दालचीनी पाउडर लंबे समय से फारसी भोजन में एक महत्वपूर्ण मसाले, मोटी सूप, पेय और मिठाई की एक किस्म में इस्तेमाल किया गया है। तो आज हम इसके गुणों एबम घरेलू उपचारों के बारे में जनेंगे जो हो सकता है आपके घर से बीमारियों को कोसो दूर कर आपको स्वस्थ व निरोग बना दे।
2. शहद और दालचीनी के मिश्रण में मानव शरीर के अनेकों रोगों का निवारण करने की अद्भुत शक्ति है। दुनियां के करीब सभी देशों में शहद पैदा होता है।
आज के डॉक्टर एवं कई वैज्ञानिक इस तथ्य को स्वीकार कर चुके हैं कि शहद कई बीमारियों की अचूक औषधि है। वैग्यानिक कहते हैं कि शहद मीठा जरूर है लेकिन अगर इसे सही मात्रा म दालचीनी के साथ सेवन किया जावे तो मधुमेह रोगी भी इससे लाभान्वित सकते हैं। और मधुमेह को आसानी अपने शरीर से दूर कर सकते है।
3. आज कल की सबसे बड़ी प्रॉब्लम गुप्त रोग बन चुकी है। ब्लाडर इन्फ़ेक्शन होने पर दो बडे चम्मच दालचीनी का पावडर और एक बडा चम्मच शहद मिलाकर गरम पानी केदेने से मूत्रपथ के रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।
4. आज कल बुजुर्गों यहाँ तक कि बच्चों ने दर्द एक आम बात बन चुकी है जिन्हें जोड़ों के दर्द की समस्या हो, उन्हें हर दिन सुबह आधा चम्मच दालचीनी पाउडर को एक बड़े चम्मच शहद में मिला कर सेवन करने से बहुत जल्दी फायदा होता है।
5. दांत हमारे आकर्षण का मुख्य केंद्र होती है किंतु हम अपने खान पान पर ध्यान नही दे पाते है जिससे दांतों में कीड़े लग जाते है। दांत में कीड़ा लगने, या दर्द होने पर दालचीनी के तिेल में भीगी रूई का फाहा लगाने से आराम मिलता है।
6. किसी भी घर मे शारीरिक श्रम के साथ साथ मानसिक श्रम करने वाले लोग भी होते है उनके स्मरण शाक्ति को बनाये रखने के लिए इससे बढ़कर कोई दूसरा उपाय हो ही नही सकता। दालचीनी मैंगनीज का भंडार है. इससे स्मरण शक्ति बढ़ती है। इसलिये बच्चों , महिलाओं, मानसिक श्रम करने वालों को ब्रेड पर मक्खन या शहद के साथ आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर लगा कर सुबह शाम खाना चाहिए।
7. दो चम्मच शहद और दालचीनी का पाउडर गर्म पानी में मिलाकर पीने से कुछ ही समय में कोलेस्ट्रॉल
कम हो जाता है। इस घोल को दिन में 2-3 बार पीजिये.
8. बुजुर्गों को दालचीनी के तेल की कुछ बूंदें कान में डालने से कम सुनाई देने की समस्या से छुटकारा मिलता है।
9. यौन रोग विशेषज्ञ कहते हैं कि सेक्स पावर बढ़ानी हो तो दालचीनी का नुस्खा आजमाएं। इसके लिए सुबह-शाम दूध के साथ दो ग्राम दालचीनी पाउडर का सेवन करें। इससे यौन शक्ति में इजाफा होगा और शरीर भी सौष्ठव होगा।
10. दालचीनी से मुँह के बदबू को भी दूर किया जा सकता है और इससे मसूड़े भी मजबुत होते है।
11. सौंदर्य प्रसाधन के रूप में दालचीनी के चूर्ण में थोड़ा नींबू का रस मिलाकर कील-मुंहासे पर लगाने से कुछ दिनों में ही चेहरा साफ हो जाता है।
12. जिन व्यक्तियों को मोटापे की शिकायत है खाली पेट रोजाना सुबह एक कप गर्म पानी में शहद और दालचीनी पाउडर मिलाकर पीने से फैट कम होता है। यदि इसका सेवन रोजाना किया जाए तो मोटे से मोटे व्यक्ति का वजन भी घटना शुरु हो जाता है।
13. कभी-कभी कंधे में दर्द होता है। दालचीनी का प्रयोग करने से कंधे का दर्द ठीक हो जाता है।
14. शहद और दालचीनी को बराबर मात्रा में मिलाकर एक चम्मच नाश्ते में ब्रेड या रोटी में लगाकर रोजाना खाएं। जिसको एक बार हार्ट अटैक आ चुका है, उनको दुबारा हार्ट अटैक नहीं आता है।
15. 4 बूंद दालचीनी के तेल को 1 कप पानी में मिलाकर पीने से हिचकी बंद हो जाती है। दालचीनी चूसने से हिचकी आना भी रुक जाती है।
दालचीनी के उपयोग से होने वाले नुकसान
दालचीनी का सेवन करने में स्तनपान करा रही माताओं और गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए और उन्हें स्तानपन के 1 घण्टे पहले इसके प्रयोग से बचना चाहिए।
वास्तव में, दालचीनी का बड़ी मात्रा में उपभोग जहरीला हो सकता है और आपके लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। दालचीनी (विशेष रूप से उसका तेल) समय से पहले दर्द उतपन्न कर सकता है या फिर गर्भाशय के संकुचन को भी प्रेरित कर सकता है। कुछ लोगों को तो दालचीनी से एलर्जी भी हो सकती है, भले ही उन्होंने इसका सेवन पहले बिना किसी साइड-इफेक्ट्स के किया हो।
उम्मीद है आप दालचीनी के फायदे और नुकसान के बारे में अच्छे से समझ गए होंगे.